मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से रिटायर हुए ओपी रावत का कहना है कि नोटबंदी के बाद अनुमान था कि चुनावों में कालेधन का इस्तेमाल नहीं होगा, जिसका 5 राज्यों के चुनाव में असर नहीं दिखा। रावत ने दैनिक भास्कर से चर्चा में बताया कि इन राज्यों के चुनावों को देखते हुए अंदाजा लगाया जा सकता है कि दलों के पास पैसे की कोई कमी नहीं है।
चुनाव में जिस तरह से पैसा का इस्तेमाल हो रहा है वह कालाधन ही है। इधर, मध्यप्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में 70 करोड़ रुपए की जब्ती की कार्रवाई चुनाव आयोग द्वारा की गई, जिसमें सोना, चांदी और ड्रग्स समेत 30 करोड़ कैश जब्त हुआ है। यह जानकारी सोमवार को सीईओ वीएल कांताराव ने दी। प्रदेश में 2013 के हुए चुनाव में 19 करोड़ रुपए जब्त हुए थे। पिछली बार से इस बार जब्त हुई राशि तीन गुना से ज्यादा है।
चुनाव आयोग में सबसे वरिष्ठ निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने रविवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त का कार्यभार संभाल लिया। ओम प्रकाश रावत शनिवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पद से सेवानिवृत्त हो गए हैं।
अरोड़ा को मुख्य निर्वाचन आयुक्त बनाए जाने के बारे में विधि मंत्रालय मंगलवार को ही अधिसूचना जारी कर चुका है। राज्य में सात दिसंबर को होने वाले विधानसभा और अगले साल लोकसभा आम चुनाव अब इनकी देखरेख में होंगे। बतौर चुनाव आयुक्त अरोड़ा की नियुक्ति 31 अगस्त, 2017 को हुई थी।
अरोड़ा भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 1980 बैच के राजस्थान कैडर के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। वे राजस्थान में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव जैसे पदों पर रहने के अलावा केंद्र सरकार में कई महत्त्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं।
अगले वर्ष की जनवरी से मार्च तक आने वाली तीन पूर्णिमा में लोगों को सुपरमून के दीदार होंगे, यानि चंद्रमा पूर्णिमा में दिखने वाले आकार से कुछ ज्यादा बड़ा दिखेगा। 2019 में 21 जनवरी, 19 फरवरी और 21 मार्च को पूर्णिमा है, और इसमें पूर्णिमा का मून सुपरमून होगा।
विज्ञान संचारिका सारिका घारू ने बताया कि पृथ्वी की परिक्रमा करता हुआ चंद्रमा जब पृथ्वी से 3,61,740 किलोमीटर या इससे कम दूरी पर आ जाता है तो वह सुपरमून कहा जाता है। 19 फरवरी का सुपरमून साल का सबसे नजदीकी सुपरमून होगा। सुपरमून की स्थिति में चंद्रमा माइक्रो मून की तुलना में 30 प्रतिशत ज्यादा चमकदार दिखेगा।
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